पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) की पैग़म्बरी की घोषणा के अवसर पर शनिवार को इस्लामी गणतंत्र ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों, इस्लामी देशों के प्रतिनिधियों, राजदूतों तथा पवित्र क़ुरआन के अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में शामिल होने वाले मेहमानों के साथ इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात के अवसर पर राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी ने कहा कि ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध से वर्चस्ववादी शत्रु की योजनाएं विफल हो गईं।
ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ के अवसर पर निकाली जाने वाली राष्ट्रव्यापी रैलियों की राष्ट्रपति ने सराहना की। उन्होंने कहा कि क्रांति की सफलता की 44वीं वर्षगांठ पर जनता ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद दुश्मनों ने ईरानी राष्ट्र के सामने वैसी ही आर्थिक, राजनैतिक एवं प्रचारिक समस्याएं खड़ी कर दीं जैसी इस्लाम के उदय के आरंभिक कल में खड़ी की गई थीं।
राष्ट्रपति का कहना था कि ईरान के बारे में शत्रुओं के सारे ही समीकरण धराशाई हो गए। उन्होंने कहा कि कल तक पश्चिम समझौते को आगे बढ़ाने के दावे कर रहा था किंतु जब उसने देखा कि वह ईरान की वैध मांगों को मान नहीं पाएगा तो उसने देश में उपद्रव करवाकर वार्ता की मेज़ को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि सरकार, हर स्तर पर राष्ट्र के हितों की रक्षा करेगी।
उल्लेखनीय है कि आज 18 फरवरी शनिवार को ईरान में पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) की पैग़म्बरी की घोषणा के अवसर पर ईरान में उत्सव मनाए जा रहे हैं।
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